विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और उनके संस्कारों का पवित्र मिलन होता है। ऐसे शुभ अवसर पर माँ गंगा की आरती करना विवाह को आध्यात्मिक ऊर्जा, शुद्धता और आशीर्वाद से भर देता है।
गंगा आरती के दौरान मंत्रोच्चार, दीपों की लौ, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि वातावरण को पूर्णतः दिव्य बना देती है। यह माना जाता है कि माँ गंगा के आशीर्वाद से नवदंपत्ति के जीवन में:
सुख-शांति
प्रेम और सामंजस्य
स्वास्थ्य और समृद्धि
तथा दीर्घ वैवाहिक जीवन
की प्राप्ति होती है।
